Zindagi

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zindagi
जाने फिर क्यूँ उलझ रही है ज़िंदगी,
जाने किस मोड़ मुड रही है ज़िंदगी…
मै नये पन्ने लिख रही हूँ,
फिर क्यूँ पुराने पन्ने पलट रही है ज़िंदगी…
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