नासमझ

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nasamajh

कहता है ” दुनिया की बड़ी समझ है उसे

चेहरे से सबकी फ़ितरत बता देता है “…

मै तो रंगी हूँ उसकी मोहब्बत में

जाने क्यूँ मुझसे नज़रे फिरा लेता है…

9 COMMENTS

  1. जानता शायद सब कुछ है वो, पर वो ही क्यों समझदार बने।
    मजधार में तो है दोनों, पर वो ही क्यों किनारे पर ले जाने वाला नोकाकार बने।

    माना कि कहता नही है कुछ भी वो, पर आँखे उसकी सब कह जाती है।
    दिल मे कसक और कुछ कहने का डर इस बात में ही कईयों की जिंदगी अकेले ही निकल जाती है।।

  2. Tera bhi chehra padha hai usne ,
    Teri hi baate Suni hain usne,
    Rang le tu use apni mohhabbat me ,
    Bas itni si khwahish jagi hai dil me… ❤️??

  3. Khwaishen byan krni pde toh shyad kisi ne pyaar hi ni kia,
    ye toh wo chiz hai ki bs aankho se hi pta lag jaaye.
    Toh koi kaho us se ki aankho ko meri aake padh le,
    Pta lag jayega usko ki khwaish kya hai meri aur mohobbat kya hai meri.

  4. Duniya ki kitni bhi smjh kyun na ho,
    Abhi bhi wo kisi ke liye chota sa bacchha hi hai,
    Fitrat wo bta dega teri bhi,
    bas usko bolo ki ek baar baahon mein toh le.

  5. चलो फिर से समेटें

    तुम्हारी मुस्कराहट इस नज़र में

    और खुशबु पत्तियों की एक पुडिया में

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